📿✨खुशी के 7 महामंत्र✨📿
🌸श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के साथ-साथ हम सबको खुशी के 7 महामंत्र दिए हैं। यह महामंत्र निम्नलिखित प्रकार से हैं:
1⃣भय से मुक्त हो जाओ — मृत्यु के भय का त्याग करो क्योंकि तुम यह देह नहीं बल्कि आत्मा हो और आत्मा अजर, अमर, अविनाशी है। मृत्यु तो केवल इस देह के वस्त्र बदलने की एक प्रक्रिया का नाम है।
2⃣खालीपन से मुक्त हो जाओ — स्वयं को हमेशा किसी ना किसी कर्म में लगाए रखो और कभी भी उदासीन मत रहो।
3⃣सबकी दुआएं लो — अपने सभी कर्मों में से फल की आसक्ति का त्याग कर उन्हें केवल लोक कल्याण की भावना से ही करो।
4⃣संशय बुद्धि बनने से बचो — संशय करने वाला व्यक्ति कहीं पर भी खुश नहीं रह पाता है। इसलिए इस संशय करने की बुरी आदत का त्याग कर अपने अंदर आत्मविश्वास की भावना पैदा करो।
5⃣भौतिक विषयों की आसक्ति का त्याग करो — सच्ची खुशी और आनंद केवल आत्मा में ही रमण करने से मिलता है। इसलिए अपनी इंद्रियों को सब प्रकार के विषयों से हटाकर अपनी चेतना को अपनी आत्मा में स्थित करने के लिए प्रतिदिन योग अभ्यास करो।
6⃣अपने भीतर समर्पण का भाव पैदा करो — अपने जीवन का हर कार्य भगवान को समर्पित कर दो और उसके अच्छे-बुरे फलों को भगवान की इच्छा जानकर खुशी से स्वीकार करो।
7⃣अपना जीवन भगवत भक्ति में लगाओ — जो भक्त अनन्य भाव से भगवान की शरण को ग्रहण कर उनकी उपासना करते हैं भगवान उन्हें इस दुखमय संसार से शीघ्र मुक्ति का सहज मार्ग बताते हैं।
निष्कर्ष : इन 7 महामंत्रों का यदि कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा के साथ अपने जीवन में प्रयोग करता है तो वह अपने जीवन में सच्ची और स्थाई खुशी का अनुभव कर सकता है।
🌟पूनम प्रयाग राज़ से🌟
💠✨ओम शान्ति ✨💠

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